मस्त विचार 868
जीवन का होना प्रसन्न होने के लिए काफी है.
हम जीवित हैं,
यह पर्याप्त कारण है मन के प्रसन्न होने के लिए
और होठों पर मुस्कान रखने के लिए.
कोई रुठे तो उसे मनाना सीखो … रिश्ते तो मिलते है मुकद्दर से, बस उन्हे खूबसूरती से निभाना सीखों…
कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो,
तू हमें भुलाना सीखा दे, हम तुझे याद करना सीखा देते हैं.
तुझे याद करना नहीं आता, हमें भुलाना नहीं आता.
दुनिया की नज़र है, मेरी किस्मत तो नहीं…..
फिरती है तो फिर जाए, बदलती है तो बदले…..
जब इनसान किसी के काम आये..
वो लमहा भी इबादत का होता है
वहां से किसी का अपमान मत करना. ये वक़्त बहोत दगाबाज है, कब पलटी मार दे ये पता नहीं चलता.
आज आप जिस ऊंचाई पर हो,