मस्त विचार 868

जीवन का होना प्रसन्न होने के लिए काफी है. हम जीवित हैं, यह पर्याप्त कारण है मन के प्रसन्न होने के लिए और होठों पर मुस्कान रखने के लिए.

मस्त विचार 867

कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो,

कोई रुठे तो उसे मनाना सीखो …

रिश्ते तो मिलते है मुकद्दर से,

बस उन्हे खूबसूरती से निभाना सीखों…

मस्त विचार 866

तुझे याद करना नहीं आता, हमें भुलाना नहीं आता.

तू हमें भुलाना सीखा दे, हम तुझे याद करना सीखा देते हैं.

मस्त विचार 863

आज आप जिस ऊंचाई पर हो,

वहां से किसी का अपमान मत करना.

ये वक़्त बहोत दगाबाज है,

कब पलटी मार दे ये पता नहीं चलता.

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