मस्त विचार 974
संघर्ष बिना ज़िन्दगी ये बस नाम की. मुकाम पर पहुँचा तू अपने वजूद को. हार जाएगा,परवाह की जो अंजाम की.
संघर्ष बिना ज़िन्दगी ये बस नाम की. मुकाम पर पहुँचा तू अपने वजूद को. हार जाएगा,परवाह की जो अंजाम की.
खुद ना रूठो पर सब को हँसा दो,
यही राज है ज़िन्दगी का, कि जियो और जीना सीखा दो.
बात ना करने से, बातें बन जाती है ……
हम तो हैं उन फूलों जैसे. जो काँटों में भी जी लेते हैं.
जो चल रहा है उस के पैरों में छाला होगा, बिना संघर्ष के इंसान चमक नहीं सकता, जो जलेगा उसी दिए में तो उजाला होगा.
लोग झूठ कहते हैं कीं., खाली हाथ आए थे, खाली हाथ जाएंगे..