मस्त विचार 980
बड़ी चालाक होती है जिंदगी हमारी,
रोज़ नया कल देकर, उम्र छीनती रहती है…..
रोज़ नया कल देकर, उम्र छीनती रहती है…..
ये जिंदगी अपनी बातों में हमें,,कभी-कभी उलझा ही लेती है…
कितना ही सुलझ जायें,,अपने से हम …
पागल हैं हम अपनी नींद उड़ा लेते हैं, जीवन अमृत्त कब हमको अच्छा लगता है, ज़हर हमें अच्छा लगता है खा लेते हैं.
अपने घर में खुद ही आग लगा लेते हैं,
हादसे कुछ भी नही है हौसलों के आगे…!
हाथ बाँधे क्युँ खडे हो किस्मत के आगे…!!
“अपनी सोच में छोटा सा बदलाव करके ! “कि सामने वाला गलत नही है ! “सिर्फ हमारी उम्मीद से थोड़ा अलग है.
हम रिश्तों को ओर अधिक बेहतरीन बना सकते हैं !