मस्त विचार 843

किसी से रास्ता पता करने से पहले, यह तो पता कर लें

कि कहीं वह स्वयं तो रास्ता भटका हुआ नहीं है.

मस्त विचार 840

हँस कर कबूल क्या कर ली कुछ सजाए हमने.

जमाने का तो दस्तूर बन गया है, हर इल्जाम हम पर लगाने का.

मस्त विचार 839

उधार देने वाला उस आदमी की तरह है जो आप को उस वक़्त तो छाता देता है जब सूरज चमकता है, लेकिन पानी बरसते ही वह उसे वापस मांगने लगता है.
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