मस्त विचार 830

खुद से भी रूबरू कभी करा दे मेरे मालिक मुझ को…….

कब तक यूँ परायों में अपने होने के निशां ढूंढता फिरूँ……..

मस्त विचार 826

जिसको गलत तस्वीर दिखाई, उस को ही बस खुश रख पाया.

जिसके सामने आईना रखा,हर शख्स वो मुझ से रूठ गया.

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