सुंदरता हो न हो, सादगी होनी चाहिये.
_ खुशबू हो न हो, महक होनी चाहिये.
_ रिश्ता हो न हो, बंदगी होनी चाहिये.
_ मुलाकात हो न हो, बात होनी चाहिये.
_ यु तो हर कोई उलझा है अपनी उलझनों मे
_ सुलझन हो न हो सुलझाने कि कोशिश होनी चाहिये.
खुशनसीब हैं वो जो दिल में किसी को जगह देते हैं.
बैचेनी सहकर भी दूसरों को हँसना सीखा देते हैं.
दुनिया वाले लाख चाहे बदनाम उन्हें कर लें,
मगर वो सादगी से हर दिल में जगह बना लेते हैं.!!
मस्त विचार 782
मैं मानता हूं पैसे से सबकुछ खरीदा नहीं जा सकता
_ परंतु गरीबी से तो कुछ भी खरीदा नहीं जा सकता..!!!
परंतु उस के अवगुण भी दूसरों को सदगुण लगते हैं, जब कि गरीबी मनुष्य से उस के सदगुणों को भी छीन लेती है.
संपन्नता मनुष्य में बहुत सारे गुणअवगुण भर देती है,
मस्त विचार 781
जीवन के किसी दुःख या ठोकर से इन्सान सबक ले ले,
तो वह ठोकर ठोकर नहीं होती,
वह तो आप के लिए एक सीख बन जाती है.
मस्त विचार 780
उसके बारे में गलत अफवाहें न फैलायें. बिना तथ्यों व सच्चाई को जाने अगर आप किसी के बारे में कुछ बोलते हैं तो यह आदत घूम- फिर कर आपको ही नुक़सान पहुँचाएगी.
किसी भी इन्सान के बारे में बुरी बात कहने से बचें,
मस्त विचार 779
अपने कल को ठीक करने के लिए आज को ठीक कर लें.
मस्त विचार 778
एक यही किस्सा मशहुर है जिन्दगी का. बिते हुए पल कभी लौट कर नही आते, यही सबसे बड़ा कसूर हैं जिन्दगी का.
हँस कर जीना दसतुर है जिन्दगी का,





