मस्त विचार 805
जब बरसी ख़ुशियाँ न जाने भीड़ कहां से आ गयी..!!
जब बरसी ख़ुशियाँ न जाने भीड़ कहां से आ गयी..!!
स्वयं का बचाव करने के लिए ..कभी भी दूसरों पर दोषारोपण न करें, _ क्यों कि समय के पास…..सत्य को प्रकट करने का अपना तरीका है.
_ वे उसका बचाव करते हैं..जिससे उन्हें फायदा होता है..!!
बल्कि.. यह तो आपकी च्वाइस है.. जब तक आप खुद खुश नही रहना चाहेंगे, आप को कोई खुश नहीं कर सकता..
….. ये दुनिया न मेरा घर है न तेरा ठिकाना…!
अंजानो को दिल में बसा देता है, जिन को हम कभी जानते भी न थे, उन्हें जान से भी ज्यादा कीमती बना देता है.
……..पर बहुत कुछ दिखा जाता हैं !!