मस्त विचार 811

पल पल मन को बहलाता हूँ मै,

भींगी पलकों के संग मुस्कुराता हूँ मै,

तुम दूर मुझ से हो तो क्या हुआ,

अपनी हर सांस मे तेरी आहट पाता हूँ मै.

मस्त विचार 810

साज़िशें लाखो बनती हैं मेरी ‘हस्ती’ मिटाने की….!!!

बस ‘दुआयें’ आप लोगों की उन्हें ‘मुकम्मल’ होने नही देती…..!!!

मस्त विचार 807

मिल जाए कोई ऐसा, जो खामियां बताए मेरी.

वरना लोगों की वाह -वाह में, खुद को न जाने क्या समझ बैठे.

मस्त विचार 806

इंसान के अंदर जो समा जायें वो ” स्वाभिमान “

और जो इंसान के बाहर छलक जायें वो ” अभिमान ”

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