मस्त विचार 811
भींगी पलकों के संग मुस्कुराता हूँ मै, तुम दूर मुझ से हो तो क्या हुआ, अपनी हर सांस मे तेरी आहट पाता हूँ मै.
भींगी पलकों के संग मुस्कुराता हूँ मै, तुम दूर मुझ से हो तो क्या हुआ, अपनी हर सांस मे तेरी आहट पाता हूँ मै.
बस ‘दुआयें’ आप लोगों की उन्हें ‘मुकम्मल’ होने नही देती…..!!!
तेरे लिए दुआ माँगना अच्छा लगता है……..
कदम-कदम पर समझौता मेरे बस की बात नहीं….!!!!
वरना लोगों की वाह -वाह में, खुद को न जाने क्या समझ बैठे.
और जो इंसान के बाहर छलक जायें वो ” अभिमान ”