मस्त विचार 822

खुदा करे तमाम उम्र मुझे मंजिल ही न मिले….

बड़ी मुश्किल से वो राज़ी हुआ है साथ चलने को………

मस्त विचार 818

मैं उस किस्मत का सबसे पसंददीदा खिलौना हूँ…

वो रोज़ जोड़ती है मुझे., फिर से तोड़ने के लिए……

खिलौनों से शुरू हुई थी ज़िन्दगी, अब खिलौना बन कर रह गई है..!!

मस्त विचार 817

जिन्दगी के सफर से, बस इतना ही सबक सीखा है.

सहारा कोई कोई ही देता है,

धक्का देने को हर शख्स तैयार बैठा है.

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