मस्त विचार 822
बड़ी मुश्किल से वो राज़ी हुआ है साथ चलने को………
खुदा करे तमाम उम्र मुझे मंजिल ही न मिले….
बड़ी मुश्किल से वो राज़ी हुआ है साथ चलने को………
खुदा करे तमाम उम्र मुझे मंजिल ही न मिले….
तो देखा….हर पन्ना तेरी ही रहमतों से भरा था…
मासूम सा चेहरा है उदास अच्छा नही लगता……..
ऐ खुदा उनके हरेक लम्हे की हिफाज़त करना…..
एक जान है जब दिल चाहें मांग लेना…….
दावे दोस्ती के मुझे नहीं आते यारो……
वो रोज़ जोड़ती है मुझे., फिर से तोड़ने के लिए……
मैं उस किस्मत का सबसे पसंददीदा खिलौना हूँ…
सहारा कोई कोई ही देता है,
धक्का देने को हर शख्स तैयार बैठा है.