मस्त विचार 742
बड़े हो गये तो बस काम से बुलाते हैं.
छोटे थे तब सब नाम से बुलाते थे,
बड़े हो गये तो बस काम से बुलाते हैं.
छोटे थे तब सब नाम से बुलाते थे,
नसीब में नहीं था जो हमको मिला नहीं.
शिकवा नहीं किसी से किसी से गिला नहीं.
जब “रूह” निकल जाएगी तो कफन हटा हटा कर देखेंगे लोग…
आज जिस्म मे जान है तो देखते नही हैं लोग…
लेकिन अच्छा हो जाना सबसे बड़ी बात है.
अच्छी बातें जानना अच्छी बात है,
इनको हमेशा इंसान ही क़त्ल करता है, नफ़रत से.. नजरअंदाजी से.. तो कभी गलतफ़हमी से…!!
रिश्ते कभी भी कुदरती मौत नहीं मरते..
दोस्तो से जंग हो तो हार जाना चाहिए !!
ज़िन्दगी का ये हुनर भी आजमाना चाहिए,