मस्त विचार 762

किसी इन्सान को अपने जैसा बनाने के लिए दबाव न डालें. उन्हें वैसे ही अपनाएँ, जैसे वे हैं. एक- दूसरे की पसन्द को सम्मान देंगे तो हम ज्यादा खुश रहेंगे.

मस्त विचार 761

गंदे एवं निरुपयोगी विचार……..

मन- मस्तिष्क में उमड़- घुमड़ कर ही शांत नहीं होते,

वे हम से वैसे ही गंदे एवं निरुपयोगी काम भी करा डालते हैं.

भले इस से बाद में हमें शर्मिंदगी उठानी पड़े.

मस्त विचार 760

रिश्तों की डोरी तब कमजोर होती है, जब इंसान

ग़लतफ़हमी में पैदा होने वाले सवालों का

जवाब खुद ही बना लेता है.

मस्त विचार 759

 तेरी हँसी मे हँसे तो

सारे आँसू दूर हो गए,

ये तेरी ही बदौलत है ऐ मेरे यार,

हम काँच से कोई कोहिनूर हो गए.

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