मस्त विचार 718
लोग भी…रिश्ते भी…और कभी कभी हम खुद भी…
वक्त के साथ साथ सब कुछ बदल जाता है…
लोग भी…रिश्ते भी…और कभी कभी हम खुद भी…
वक्त के साथ साथ सब कुछ बदल जाता है…
वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी..
टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया,
पहले मेरे लफ़्ज़ों में था .. अब मेरी खामोशियों में है…!!
तू” मुझमेँ पहले भी था “तू ” मुझमें अब भी है,
कि एक मुद्दत से ढूंढ़ रहा हूँ कसूर अपना…!!
कुछ इस अदा से तोड़े हैं ताल्लुक उसने,
माफ़ कर देने का आनन्द, ज़िन्दगी भर रहेगा.
किसी से बदला लेने का आनन्द, दो चार दिन ही रहेगा.