मस्त विचार 717

टूटे हुए सपनो और छुटे हुए अपनों ने मार दिया,

वरना ख़ुशी खुद हमसे मुस्कुराना सिखने आया करती थी..

मस्त विचार 716

एक रस्सी है जिसका एक सिरा ख्वाहिशों ने पकड़ रखा है और दूसरा औकात ने और इसी खींचातानी का नाम जिंदगी है…!!!

मस्त विचार 715

तू” मुझमेँ पहले भी था “तू ” मुझमें अब भी है,

पहले मेरे लफ़्ज़ों में था .. अब मेरी खामोशियों में है…!!

मस्त विचार 713

किसी से बदला लेने का आनन्द, दो चार दिन ही रहेगा.

माफ़ कर देने का आनन्द, ज़िन्दगी भर रहेगा.

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