मस्त विचार 4274

हम इतने हसीं तो नहीं, कि हम पर कोई भी फिदा हो जाए,

लेकिन हां, जिसे हम आँख भर के देख लें, उन्हें हम उलझन में डाल देते हैं…

मस्त विचार – 2025 नया साल – 4272

प्रिय “2025” जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं,

_ज्यादा उत्सुक होने की जरूरत नही है,
_चुपचाप आये हो तो चुपचाप निकल भी लेना,
_ ज्यादा लफड़ाबाजी पिछले वाले कि तरह नही करना,
_ खुश रखना और खुश रहना.
नए साल का दिन भी आम दिनों की तरह गुजरा,
_ जाने क्या बात थी हर बात पे रोना आया.!!
बहुत रूठा है नया साल, जिसे देखो वही मना रहा है !!
आप साल बदलते देख रहे हो, मैंने साल भर लोगों को बदलते देखा.!!
आज बहुत से लोग बहुत से अलग-अलग निर्णय लेंगे,

_ लेकिन वो बस आज के लिए ही होंगे !!

आखिर ये साल बदलता ही क्यों हैं, जबकि सबकुछ तो वहीं ठहरा रहता है,

_ कुछ बातें, कुछ यादें वही होती हैं औऱ उन्ही को हम बार-बार जिये जाते हैं ..तो फिर क्या मायने रखता है..
_ वक़्त का बदलना, साल और महीनों का बदलना, जब इंसान का अंदरूनी भाव ही नही बदल सकता तो,
_ सबकुछ बदलकर भी कुछ न बदला तो ऐसे बदलने का क्या मतलब…!
तकरीबन ये साल भी गुजरने वाला है..

_ साल तो गुजरते ही रहते हैं.. पता भी नहीं चलता..
_ वक़्त कभी रुकता नहीं, हर शुरू हुआ साल पूरा होकर बीत ही जाता है..
_ फिर नया साल आ ही जाता है, चाहे बीता हुआ साल कितना ही यातनादायी क्यों न रहा हो..
_ न वक़्त किसी की मनाही मानता है, न किसी दर्द पर ठहरता है.
_ उसे अपनी निश्चित चाल, अपनी तय दूरी हर हाल में पूरी करनी ही होती है.!!

मस्त विचार 4271

ज़िन्दगी का एक वर्ष कुछ यूँ गुज़र गया,

_ कुछ लोग बदल गए.. तो कोई हमें बदल गया..!!

बड़ा रंगीन रहा ये साल..!

_ हर किसी ने अपना अपना रंग दिखाया..!!

कुछ खुशियाँ कुछ आँसू दे कर चला गया !

_ जीवन का इक और सुनहरा साल चला गया !!

यादगार सफर रहा साल का भी,

_ चला भी नहीं और चला भी गया !!

गुजरता हुआ साल बहुत कुछ सिखा गया..!

_ अपने और गैरों में भेद समझा गया..!

पूरे साल की उम्मीदें लाद दी जाती है जनवरी पर,

_ और सारे हादसों का इल्ज़ाम अकेला दिसंबर ढ़ोता है !!

तय कर लेने से जीवन नहीं चलता है,

_ जीवन तो अपने ही ढंग से चलता है.

मस्त विचार 4270

यदि आपने वास्तव में खुद से प्यार करना सीख लिया है,

तो ये संभव ही नहीं कि आपको ये दुनिया प्यारी न लगे.

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