मस्त विचार 728

ये तुझे भी पता है कि मुझे भी पता है.

ये मुझे भी पता है कि तुझे क्या पता है.

तेरे पते को और मेरे पते को,

ये भी पता है कि क्या क्या पता है.

मस्त विचार 727

समस्या” के बारे में सोचने से, बहाने मिलते हैं,

“समाधान” के बारे में सोचने पर रास्ते मिलते हैं…

 

मस्त विचार 726

अच्छे शब्दों को ध्यानपूर्वक सुनें, चाहे वे थोड़े- से ही क्यों न हों.

क्योंकि वे थोड़े- से ही शब्द आपकी शान में मुनासिब तरक्की करेंगे.

मस्त विचार 724

ना ख़ुशी खरीद पाता हूँ, ना ही गम बेच पाता हूँ.

फिर भी ना जाने, क्यूँ हर रोज कमाने जाता हूँ .

मस्त विचार 723

निःसंदेह सच्चे मित्रों की आवश्यकता हमेशा रहती है,

फिर भी यदि आप अपने आप से मित्रता कर लें तो,

आप कभी अकेला महसूस नहीं करेंगे.

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