मस्त विचार 452

स्वयं की खोज करें, _ अन्यथा आपको अन्य लोगों की राय पर निर्भर रहना होगा जो खुद को भी नहीं जानते हैं.

मस्त विचार 451

हमेशा इस बात का इन्तजार बन्द करें कि कोई ग़लती करे

और हम उसकी ग़लती के बारे में सब को जाकर बता दें.

मस्त विचार 448

जिसको अँधेरा दिखता है, वही रोशनी के लिए तड़पता है.

जिसको अपना अँधेरा ही नहीं दिख रहा, वो रोशनी की चाह क्यूँ करेगा.

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