मस्त विचार 518

इस बात की चिंता मत करो कि लोग आपके बारे मे क्या सोचते हैं,

वो तो इसमे ही व्यस्त हैं कि आप उनके बारे मे क्या सोचते हैं.

मस्त विचार 515

 इंसान ना कुछ हंसकर सीखता है

ना कुछ रोकर सीखता है

जब भी कुछ अलग सीखता है तो,

या तो किसी का होकर सीखता है…

या फिर किसी को खोकर सीखता है…

मस्त विचार 514

आओ किसी शब मुझे टूट के बिखरता देखो,

मेरी रगो में जहर जुदाई का उतरता देखो….

किस – किस अदा से तुझे माँगा है,

आओ कभी सजदो में मुझे सिसकता देखो….

मस्त विचार 513

ऐसा कतई न सोचें कि आप सब कुछ जान गए हैं और अब सीखने की जरुरत नहीं है, सीखना एक सतत प्रक्रिया है.
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