मस्त विचार 435
खराब मजहब नहीं इंसान होता है,
और खराब इंसान का कोई मजहब नहीं होता.
और खराब इंसान का कोई मजहब नहीं होता.
वही आपका भविष्य बना रहा है.
आज आप जो सोच रहे हैं, जैसा महसूस कर रहे हैं,
हर किसी की ज़िंदगी में “काश” रह ही जाता हैं…!!
जो अंत समय तक आपका स्टैण्डर्ड बनाए रखे.
सुख- समृद्वि को बढ़ाने की चेष्टा अवश्य कीजिए,
किन्तु भविष्य को अन्धकारमय बनाने के मूल्य पर नहीं.
तुम ने मुझे हीरा बना दिया.
_ हवा का साथ छूटेगा, जमीन पर ही आएगी..