मस्त विचार 334

अँधेरे कहाँ समझते हैं, मशाल के जलने का दर्द.

वजह कोई भी हो, हर सूरत में दोनों की मात तो है.

डूबने वाले के लिए फर्क नहीं, मझधार और किनारे में.

बेबसी का मतलब, ज़िन्दगी के उलझे हालात ही तो हैं.

मस्त विचार 333

हम तो खिलने को तैयार हैं, हम तो मिलने को बेकरार हैं.

मांगते नहीं तुझ से जन्नत, बस तुम से तुम्ही को मांगते हैं.

मस्त विचार 332

 उदार बनो पर इस्तेमाल मत होने दो,

प्यार करो पर खुद को ठेस न लगने दो,

विश्वास करो पर भोले मत बनो,

दूसरों की सुनो लेकिन अपनी आवाज मत खोने दो !!

मस्त विचार 331

माना कि मैं अमीर नहीं हूँ, यह बात तो सच है.

लेकिन कोई अपना बना ले तो, उसका हर ग़म खरीद सकता हूँ.

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