मस्त विचार 357
जो हारता है, वही तो जीतने का मतलब जानता है.
सोना नरम होकर जेवर बन जाता है !
मिट्टी नरम होकर खेत बन जाती है,
आटा नरम होता है तो रोटी बन जाती है !
ठीक इसी तरह अगर इंसान भी…
नरम हो जाये तो लोगो की दिलों में,
अपनी जगह बना लेता है.
बदले वक़्त, पर तुम न बदलना.
ज़रा हम भी तो देखें कौन चाहता है तुम्हें हमारी तरह…
सोचा न था ऐसी तक़दीर बन गई.
हमने तो रेत पे ऊँगली फिराई ही थी,
देखा तो आपकी तसवीर बन गई.
तुमसे रौशन ये कौना-कौना है……..