मस्त विचार 336
इसे इत्तेफाक समझूँ या दर्दनाक हकीकत.
आँख जब भी नम हुई, वजह तुम ही निकले.
आँख जब भी नम हुई, वजह तुम ही निकले.
हर तमन्ना ख्वाब बनकर रह गई…….
वजह कोई भी हो, हर सूरत में दोनों की मात तो है.
डूबने वाले के लिए फर्क नहीं, मझधार और किनारे में.
बेबसी का मतलब, ज़िन्दगी के उलझे हालात ही तो हैं.
मांगते नहीं तुझ से जन्नत, बस तुम से तुम्ही को मांगते हैं.
प्यार करो पर खुद को ठेस न लगने दो,
विश्वास करो पर भोले मत बनो,
दूसरों की सुनो लेकिन अपनी आवाज मत खोने दो !!
लेकिन कोई अपना बना ले तो, उसका हर ग़म खरीद सकता हूँ.