मस्त विचार 151

वह इश्क़ ही क्या जिसके रास्ते न कठिन हो.

जो चल पड़े इस रास्ते पर फिर क्या भंवर

और क्या किनारा

किसको मंजिल की तलाश है

डूबने में ही मजा है

किनारे पर जाकर किसी को क्या मिला है.

मस्त विचार 150

कभी तू मुझसे दूर कहीं , कभी तू मुझमे पास है

हर घड़ी हर लम्हा मुझको , बस तेरी तलाश है.

कभी तू साँसों की जुबां , कभी तू दिल की आस है

तू ही तू बातो का मंजर , तू ही मेरी प्यास है.

कभी तू आँखों की कशिश , कभी तू मन का राज है

तू ही तू इस दिल के अन्दर , तू ही मेरा साज है.

कभी तू लहराती पवन , कभी तू ग़म का राज है

तुझसे ही जन्नत है मेरी , तू ही मेरी आवाज है.

कभी तू माथे की चमक , कभी तू मेरा नाम है

तेरे ही हांथो से बनता , मेरा हर एक काम है.

कभी यू फूलो की महक , कभी तू प्यारा जाम है

तुझसे है रौशन है रोशनी , तू ही तो हर शाम है.

मस्त विचार 149

थक जाओ अगर इन रास्तों पर चलते हुए तुम …….

कभी न सोचना वहाँ कि तन्हा हो तुम ………

मूँद कर पलकों को अपनी जो देखोगे तुम ……

तो अपने साथ ही सदा मुझ को पाओगे तुम………

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