मस्त विचार 139

एक छलनी है,

जो अपने आप छानती रहती है चीजों को,

जो अच्छे को अपना लेती है और खराब को किनारे कर देती है.

मस्त विचार 137

तेरे गोल्डेन फेस ने हर्ट पर अटैक किया.

सबको रिजेक्ट किया, तुम को सिलेक्ट किया.

तुमसे रिक्वेस्ट है, इसे रीफुज न करना.

ज्ञान के इस बल्ब को, फ्यूज न करना.

मस्त विचार 136

 होठों पे हंसी के फूल खिलाए रखना,

यादों को हमारी दिल में बसाए रखना,

चाहे आप से मुलाकात हो या ना हो,

पर हम से दोस्ती सदा बनाए रखना.

मस्त विचार 135

भीड़ में शामिल हो कर गर चलोगे,

बढ़ न पाओगे कभी तुम

गुमशुदा रह जाओगे.

भीड़ का हिस्सा नहीं

तुम भीड़ से हट कर दिखो.

वरना खुद की हस्ती से

खुद ही जुदा हो जाओगे.

मस्त विचार 134

ऎसा कोई दिन नहीं बीतता,

जिसमे तेरा गीत नहीं गूंजता.

मेरे जीवन के सूनेपन में, ऎसा रस बरसाया है तुमने.

इस जीवन में जो आनन्द है, उसमे बस तेरी ही धुन है.

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