मस्त विचार 4320
बगैर तुम्हारे नही गुजारा, हाथ थाम लो यार हमारा !!
_उल्टा छींटें उड़ाने वाला खुद और ज्यादा गंदा नज़र आता है.!!
और फ़सल की तरह हम बरबाद हो गए”
अब गैरों पर भरोसा नहीं कर पाता हूँ….!!!
कोई था मेरा, जो मेरा हुआ ही नहीं !
ज़िंदगी का गुरूर कैसा है..!!