मस्त विचार 4196
मुस्कुराते फूलों में ना दिखा, तो पत्थर की मूरत में क्या दिखेगा,,,
इबादत की नजर से देखेगा,,, तो जर्रे जर्रे में खुदा दिखेगा ,,,!
इबादत की नजर से देखेगा,,, तो जर्रे जर्रे में खुदा दिखेगा ,,,!
_ फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि पहले थपकी देकर सिखाती थी और अब थप्पड़ मार कर सिखाती है..!!
_ ऐसा थप्पड़ मारती है जो पूरी उम्र याद रहता है.!!
और साथ तुम …….सिर्फ तुम
_ समझ आयी तो हम ख्वाबों की मुट्ठी में थे !!
_ संगीन और कड़वी हकीकत है दुनिया, यह कोई सुनहरा ख्वाब नहीं.!!
_ बातों का भी एक्सपायरी डेट होता है, आखिर सालों से वही-वही कोई कब तक सुनें..!