| Dec 31, 2024 | मस्त विचार
ज़िन्दगी का एक वर्ष कुछ यूँ गुज़र गया,
_ कुछ लोग बदल गए.. तो कोई हमें बदल गया..!!
बड़ा रंगीन रहा ये साल..!
_ हर किसी ने अपना अपना रंग दिखाया..!!
कुछ खुशियाँ कुछ आँसू दे कर चला गया !
_ जीवन का इक और सुनहरा साल चला गया !!
यादगार सफर रहा साल का भी,
_ चला भी नहीं और चला भी गया !!
गुजरता हुआ साल बहुत कुछ सिखा गया..!
_ अपने और गैरों में भेद समझा गया..!
पूरे साल की उम्मीदें लाद दी जाती है जनवरी पर,
_ और सारे हादसों का इल्ज़ाम अकेला दिसंबर ढ़ोता है !!
तय कर लेने से जीवन नहीं चलता है,
_ जीवन तो अपने ही ढंग से चलता है.
| Dec 30, 2024 | मस्त विचार
यदि आपने वास्तव में खुद से प्यार करना सीख लिया है,
तो ये संभव ही नहीं कि आपको ये दुनिया प्यारी न लगे.
| Dec 29, 2024 | मस्त विचार
मैं हमेशा डरता था उसे खोने से,
उसने ये डर ख़त्म कर दिया मुझे छोड़कर.
| Dec 28, 2024 | मस्त विचार
जिस ख़ुशी की तलाश में ताह उमर भटकते रहे दरबदर,
वो ख़ुशी दफ़न थी कहीं हमारे ही अंदर..
| Dec 27, 2024 | मस्त विचार
जिनमें खोकर हम ख़ुद को भी भूल गये,
क्या हमको भी उन आँखों ने ढूंढा होगा..
| Dec 26, 2024 | मस्त विचार
” सुलझते सुलझते भी जो उलझ उलझ जाती है,
एक ऐसी पहेली है, जो ज़िंदगी कहाती है,”