सुविचार 4385
हमें अपने दिल में सचेत रहना होगा, ताकि अपने सभी कार्यों और विचारों में हमारे ह्रदय से प्रेम प्रवाहित होता रहे.
तो “दुआएं भी” मुसीबत” के “पल” बदल सकती है..!!
अब दिल को खामोश रहना अच्छा लगता है.
गर “वक्त” के “कांटों” की “इज्ज़त” करना सीख लो…।।
_ सारी उम्मीदें तुमसे ही है, तू हाथ मत छोड़ना.
_ जब वो खुद के लिए कम और दूसरों के लिए ज्यादा सोचता है.
_ क्योंकि अंदाज़ा बारिश का लगाया जाता है, तूफ़ान का नहीं..!!
_ जो पानी आपको डुबोता है वह आपके पैरों से आता है, आपके सिर से नहीं.!!