मस्त विचार 4250
चल उठ और दिखा इस दुनिया को कि तुझ में कितना दम है.
चल उठ और दिखा इस दुनिया को कि तुझ में कितना दम है.
” मधुमक्खी मक्खियों को यह समझाने में अपना समय बर्बाद नहीं करती हैं कि शहद गंदगी से बेहतर है “
कभी “फूल” में तो कभी “धूल” में…।।
_ पर काँटों को तो आया नहीं, आज तक फूलों के साथ रह कर भी महकना..!!
उस तालाब की तरह होता है, जो कालांतर में सड़ने लगता है.
जो सबसे सरल दान है, यदि आप बुद्धिजीवी हैं तो.
पर वो रूठे नहीं बदल गये हैं..
_ क्योंकि वो दूसरों को भी ह्रदय से अच्छे होने का विश्वास कर बैठते हैं.!!
_ इसलिए चंद बुरे लोग अच्छे लोगों पर हावी हो चुके हैं..!!
हद पार कर जाये तो अजनबी बन जाना ही मुनासिब होता है.