सुविचार 4323
अपनी लड़ाई आपको खुद लड़नी है, क्योंकि लोग ज्ञान देते हैं, साथ नहीं..
नसीब से मिलते हैं ….. क़दर कीजिये,,
इबादत की नजर से देखेगा,,, तो जर्रे जर्रे में खुदा दिखेगा ,,,!
_ फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि पहले थपकी देकर सिखाती थी और अब थप्पड़ मार कर सिखाती है..!!
_ ऐसा थप्पड़ मारती है जो पूरी उम्र याद रहता है.!!
_ पर शायद जो भी इंसान को आसानी से मिल जाता है.. वो उसकी कभी कदर नहीं करता.!!
जब आप किसी ऐसे मुकाम पर पहुंच जाते हैं, जहां आपको किसी को प्रभावित करने की जरूरत नहीं होती, तो आपकी आजादी शुरू हो जाएगी.