सुविचार 4168
_ दूसरों द्वारा की गयी निन्दा आप को छू भी नहीं सकती…
_ दूसरों द्वारा की गयी निन्दा आप को छू भी नहीं सकती…
_ लौट कर फूलों मे खुश्बु नही आने वाली..
“If your heart is a volcano, how shall you expect flowers to bloom?”
_ जिसके फलस्वरूप सम्बन्ध बनते हैं.
यह सब अपने आप से शुरू होता है, खुद से प्यार करें, खुद पर भरोसा करें, खुद पर विश्वास करें.
तेरे दर पर अश्क बहाते रहे हम,
तेरे हैं हम तेरे हैं हम,
बस यही गाते रहे हम..
_ जो पूर्णता भरा होता है, वह मौन रहता है ..!!
_ सीखने और विकास करने के लिए हरदम तैयार हैं..
_ तो उगता हुआ सूरज भी डूबता हुआ दिखता है..
_ और आसान करने के लिए समझना पड़ता है..
_ तभी पाने की क़ीमत समझ आती है..!!
_ वर्तमान का आनंद लेना ही जीवन का सच्चा सुख है.
सबकी ज़िंदगी ठीक कट रही है, जो बची है वो भी ठीक कट जाएगी..!!
_इसका उपयोग समाधान ढूंढ़ने में लगाया जाए..!!