मस्त विचार 4038
_ उनके जीवन में सदैव भव्यता होती है.
_ उनके जीवन में सदैव भव्यता होती है.
_ ताकि हम खुद अपनी रोशनी ढूँढना सीखें.. वहीं से नई शुरुआत होती है.!!
_ किसी के दिल को लग जाए वो बात न कहना,
_ मिलते हैं हमारे जैसे लोग बहुत कम, इसलिए हमेशा कभी अलविदा न कहना.
_ क्योंकि प्रशंसा प्रेरणा देती है और निंदा सावधान होने का अवसर..
_ निन्दा और प्रशंसा साथ-साथ चलते हैं.
_ और चिंता करने वाला आपकी परिस्थिति देखता है..!!
जीवन आपकी भावनाओं और वास्तविकता के बीच एक समझौता है, _ जीवन के हर पड़ाव पर आपको अपनी भावनाओं को छोड़ना होगा और वास्तविकता को स्वीकार करना होगा.
कुछ अवास्तविक पल हम इस तरह जीते हैं कि फिर असल जीवन बहुत कष्ट देने लगता है…!
_ जो “दिमाग” से “हार” के “डर” को निकाल देता है..
_ चलो अच्छा हुआ अब कोई खतरा नहीं..
_वरना उसको.. आपसे ज़्यादा अपनी जरूरतों से मतलब रहने लगेगा..!!
_ मैंने भी रूठना छोड़ दिया, अकेला हो जाने के डर से..