सुविचार 4159
_ अनुभव ही जीवन में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है !!”
_पर इसे औरों पर थोपना तर्क संगत नहीं..!!
ऐसे कैसे संभव है ?
_ अनुभव ही जीवन में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है !!”
_ सदा “बहार होती तो ” तिनके कहाँ से लाते…”
_ अब ऐसा रंग लगाओ, जो चढ़े तो कभी ना उतरे..
_ वो लोग सारा दोष हालातों पर ही डाल देते हैं.
_ उनसे बहुत अधिक उम्मीद करने के लिए खुद को दोष दें.
_ और आपने रखा ..मुझसे फूटा तो ..देख के नहीं रखते..!!
किसी बात को मानने से पहले उसके बारे में अच्छे से सोच लें,_ लेकिन एक बार जब आप सहमत हो गए, तो आपने अब प्रतिबद्ध कर दिया है, आपको अवश्य ही पूरा करना चाहिए, चाहे कुछ भी हो, _ औसत और सफल के बीच यही अंतर है.
_ यह भी एक तजुर्बा है..
_यह सब जीवन का हिस्सा है.
_चाहे अच्छे के लिए हो या बुरे के लिए..
_ तब हमें एहसास होता है कि जो दिन बीत गए, वे ही अच्छे दिन थे.
_ हमारा अच्छा बुरा हमसे बेहतर ” वो ” जानता है.