मस्त विचार 4261
कुछ तूफान ऐसे बिन कहे आते हैं कि पेड़ हरे होते हुए भी उखड़ जाते हैं..!!
कुल्हाड़ी तो भूल जाती है लेकिन पेड़ याद रखता है कि उसे किसने काटा.!!
उन चीजों के बारे में चिंता क्यों करें जिन्हें आप नियंत्रित नहीं कर सकते _ जब आप उन चीजों को नियंत्रित करने में खुद को व्यस्त रख सकते हैं जो आप पर निर्भर हैं ?
तो “दुआएं भी” मुसीबत” के “पल” बदल सकती है..!!
अब दिल को खामोश रहना अच्छा लगता है.
गर “वक्त” के “कांटों” की “इज्ज़त” करना सीख लो…।।