मस्त विचार 4633
खुली किताब थे हम, अफसोस पढ़ने वाला अनपढ़ निकला..
सबर करते करते, रिश्ते निभाते निभाते, सफाइयाँ देते देते, अपनों को मनाते मनाते..
क्योंकि अब हम वो नहीं रहे जिसे तुम छोड़ कर गए थे..
आँखो में तो बहुतो के खटकते हैं !!
अपना समय उन लोगों के साथ बर्बाद न करें जो आपकी सराहना या महत्व नहीं देते हैं, _ जिंदगी बहुत छोटी है.
सफ़लता का सूत्र अनायास उसके हाथ आ जाता है “
जो लोग बुरा मानते हैं मायने नहीं रखते हैं जो लोग मायने रखते हैं वो बुरा नहीं मानते.