सुविचार 4160
_वरना उसको.. आपसे ज़्यादा अपनी जरूरतों से मतलब रहने लगेगा..!!
_वरना उसको.. आपसे ज़्यादा अपनी जरूरतों से मतलब रहने लगेगा..!!
_ मैंने भी रूठना छोड़ दिया, अकेला हो जाने के डर से..
_ अनुभव ही जीवन में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है !!”
_ सदा “बहार होती तो ” तिनके कहाँ से लाते…”
_ अब ऐसा रंग लगाओ, जो चढ़े तो कभी ना उतरे..
_ वो लोग सारा दोष हालातों पर ही डाल देते हैं.
_ उनसे बहुत अधिक उम्मीद करने के लिए खुद को दोष दें.
_ और आपने रखा ..मुझसे फूटा तो ..देख के नहीं रखते..!!
किसी बात को मानने से पहले उसके बारे में अच्छे से सोच लें,_ लेकिन एक बार जब आप सहमत हो गए, तो आपने अब प्रतिबद्ध कर दिया है, आपको अवश्य ही पूरा करना चाहिए, चाहे कुछ भी हो, _ औसत और सफल के बीच यही अंतर है.