सुविचार 4138
Think, think and think. Think and understand! Understand and then experience !
Think, think and think. Think and understand! Understand and then experience !
_ आज हम उनके लिए महज एक भीड़ हो गए..!!
_ अब तुम हंसते हुए पहुंचो या रोते हुए, ये तुम पर निर्भर करता है..
_ मैंने अपनी नाव डूबा कर उसका सफ़र आसान कर दिया.!!
_ सबको पार लगाने वाली नाव आखिर में नदी में ही रह जाती है..!!
” जो आप सीखते हैं उसे लें और उससे फर्क करें “
_ बेशक जवाब देर से मिलेंगे, लेकिन बेहतरीन होंगे…!!
_ पर हम सुलझी चीजों को _ उलझाते क्यों हैं सौ बार ?
_ उससे बड़ा शुभ दिन और कौन सा हो सकता है, शुरुआत करें..
_ परिणाम पर ध्यान देकर विचारपूर्वक निर्णय करो.
_ कई बार हालात, निर्णय के कारण होते हैं..
_ और बहुत से निर्णय हालात के कारण होते हैं..!!