सुविचार 3862
सौभाग्य से जो प्राप्त होता है, उसे सात पीढ़ी भोगती है ;
जो छीनकर हासिल किया जाता है, उसे सात पीढ़ी भुगतती है.
जो छीनकर हासिल किया जाता है, उसे सात पीढ़ी भुगतती है.
_ हम कल भी कमाल थे और आज भी बेमिसाल हैं.
“अपने आप को एक शुरुआत करने दें, _ कोई भी उत्कृष्ट होने की शुरुआत नहीं करता है.
हर किसी की अपनी अलग दुनिया है.
लोग वही बोलेंगे, जिससे आपका मनोबल कम होगा.
जब तक आप सफल नहीं हो जाते.
_ एड़ियां उठाने से किरदार ऊँचे नहीं होते.
_तो अच्छाई और बेहतर हो जाती है.
_ जो भी आपको खोएगा यक़ीनन रोयेगा.