Collection of Thought 958
एक ऐसी मानसिकता विकसित करें जो हार, हतोत्साह और आत्म – आलोचना से मुक्त हो.
एक ऐसी मानसिकता विकसित करें जो हार, हतोत्साह और आत्म – आलोचना से मुक्त हो.
स्वाभिमान आपको गिरने नही देगा और अभिमान आपको उठने नही देगा !
महत्वपूर्ण वाक्य है यह जीवन जीने के लिए – क्योकि हमे स्वाभिमानी बनना है : अभिमानी नही !
_समझौते करिए, मगर स्वाभिमान के साथ समझौता हरगिज नहीं..
I cannot escape death, but I can escape the fear of it.
पागलों के झुंड में समझदार बनना भी पागलपन है.
_आपका कीमती समय भी बचेगा और शांति भी..
_मैंने अक्सर बुद्धिमान को कम बोलते और मूर्ख को ज़रूरत से ज्यादा बोलते देखा है.
_तो मैंने तेरे लिये खुद को जला दिया.!!
_ ये किसी को नहीं दीखता..!!
अगर आप मजबूत बनना चाहते हैं, तो अकेले रहने का आनंद लेना सीखें.