मस्त विचार 3789

ज्यादा खुश रहना भी…..अच्छा नहीं होता इस जमाने में,

लोग अक्सर खिले हुए फूलों को तोड़ देते हैं..

सुविचार 3914

चिंतन के समय में इंसान जब चिंता की चिता पर बैठ जाता है, तब पहले सब्र का बांध टूटता है;

फिर विवेक साथ छोड़ देता है और अंत में जुबान बेकाबू हो जाती है !!

यही हमारे पतन का रास्ता बनता है.

मस्त विचार 3788

अब इतनी ज्यादा समझ आ गयी है कि…ना तो किसी के साथ बहस करने का मन करता है और ना ही ” समझाने का “
यदि आप वही कहते हैं_जो वे सुनना चाहते हैं

_ तो वे बहस नहीं करते हैं और खुश रहते हैं.!

सुविचार 3913

जिसको जो कहना है कहने दो ; आपका क्या जाता है..

_समय समय की बात है, वक्त सबका आता है…

सुविचार 3911

अच्छा सोचिए, अच्छा बोलिए और अच्छा कीजिए,

_क्योंकि सब आपके पास वापस लौटकर आता है.

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