सुविचार 3888
.. यह कभी भी किसी पहर दस्तक दे सकता है…
.. यह कभी भी किसी पहर दस्तक दे सकता है…
होड़ खुद से आगे निकलने की होनी चाहिए न कि किसी और से….!!
__ आप उस से आगे भी तो जा सकते हैं
_पर जो मौज में जीना जानते हैं, वो शिकायत नहीं करते.
_हमारे पास जो कुछ भी है, उसके लिए आभारी रहना, एक अलग ही स्तर का निर्माण करता है..!!
यदि आप अपने जीवन में चीजों के बारे में शिकायत करते हैं, तो आप शिकायत की आवृत्ति पर हैं, और आप जो चाहते हैं उसे आकर्षित करने की स्थिति में नहीं हैं.
_फिर हमें फैसला लेना चाहिए, _गलत फैसले हमेशा जिंदगी बर्बाद करते हैं.!!
_ क्यूंकि एक वक़्त था जब आप वही करना चाहते थे.!!
_ उनमें बदलाव के विकल्प मौजूद नहीं होते..!!
..जो कुछ खोया वो मेरी नादानी थी और जो भी पाया वो रब की मेहरबानी थी !
_ मैं उन्हीं के लिए हूं, जो जाने कदर मेरी..
_मौजूदगी की कदर किसी को *नही*
पर इतना सीखाया के मालामाल कर दिया।
हंसते को रुलाया कभी रोते को हंसाया,
इतना कहूंगा कमाल कर दिया तूने जिंदगी..
हम इतने भी बुरे नहीं हैं, जितना तुमने सोच रखा है.
उसे किसी नेक ख़याल पर टिका दिया जाए.