सुविचार 3890
_क्योंकि बल लड़ना सिखाता है और बुद्धि जीतना.
_क्योंकि बल लड़ना सिखाता है और बुद्धि जीतना.
जब तक हम ये जान पाते हैं कि ज़िन्दगी क्या है, तब तक ये आधी ख़तम हो चुकी होती है.
वह जो न तो 20 की उम्र में सुंदर है, न ही 30 की उम्र में मजबूत है, न ही 40 की उम्र में अमीर है, न ही 50 की उम्र में बुद्धिमान है, वह कभी भी सुंदर, मजबूत, अमीर या बुद्धिमान नहीं होगा.
एक बुद्धिमान व्यक्ति इस बात की परवाह नहीं करता कि उसके पास क्या नहीं है.
मैं तेरी उलझनों का मुकम्मल जवाब हूँ…!
जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘मैं चाहता हूं’ कहना बंद करें और ‘मैं करूंगा’ कहना शुरू करें.
किसी भी चीज़ को असंभव न मानें, फिर संभावनाओं को संभावनाओं के रूप में मानें.
खुशी एक उपहार है और इसका मकसद इसकी उम्मीद करना नहीं है, बल्कि जब यह आए तो इसका आनंद लेना है.
मेरी सलाह है कि जो काम आप आज कर सकते हैं, उसे कल कभी न करें ; _ विलंब समय का चोर है.
एक बहुत छोटी सी चाबी एक बहुत भारी दरवाजा खोल देगी.
.. यह कभी भी किसी पहर दस्तक दे सकता है…
होड़ खुद से आगे निकलने की होनी चाहिए न कि किसी और से….!!
__ आप उस से आगे भी तो जा सकते हैं
_पर जो मौज में जीना जानते हैं, वो शिकायत नहीं करते.
_हमारे पास जो कुछ भी है, उसके लिए आभारी रहना, एक अलग ही स्तर का निर्माण करता है..!!
यदि आप अपने जीवन में चीजों के बारे में शिकायत करते हैं, तो आप शिकायत की आवृत्ति पर हैं, और आप जो चाहते हैं उसे आकर्षित करने की स्थिति में नहीं हैं.
_फिर हमें फैसला लेना चाहिए, _गलत फैसले हमेशा जिंदगी बर्बाद करते हैं.!!
_ क्यूंकि एक वक़्त था जब आप वही करना चाहते थे.!!
_ उनमें बदलाव के विकल्प मौजूद नहीं होते..!!