सुविचार 4746
एक सीमा से ज्यादा खींचे जाने पर उसका टूटना तय है..
एक सीमा से ज्यादा खींचे जाने पर उसका टूटना तय है..
आप अपनी भावनाओं को तुरंत बदल सकते हैं .. कुछ आनंददायक सोचकर, या कोई गीत गाकर, या एक सुखद अनुभव को याद करके..
लेकिन सत्य को जीने वाले सत्य को जीते भी हैं, जानते भी हैं।
सत्य को जानो मत, जियो।
ज़िन्दगी में क्या पता कौन कब बदल जाए..
हमारी अज्ञानता ही हमारे दुःख का कारण है.
आज से हम चुनौतियों में भी शांत रहें और अनोखे हल निकालें…
दिल से उतरे हुए लोगो से शिकायत कैसी…!!
_ आईना कहीं भी टूटे, मेरा ही नाम आता है.!!”
_ कभी-कभी ‘किनारा’ कर लेना ही समझदारी है.!!