मस्त विचार 3602
अजीब बात है ना..जमीन पर गिरा कोई नही खाता,
_लेकिन जमीन से उगा हर किसी को चाहिए.
ऊंचाईयों की असलियत भी देखी है,
_ जमीन पर ही रहना समझदारी है..!!
_लेकिन जमीन से उगा हर किसी को चाहिए.
_ जमीन पर ही रहना समझदारी है..!!
*लेकिन बिना सवाल किये* _ *ख्याल रखने वाले**नसीब से मिलते हैं….!!*
_फिर उससे भिन्न बात को हम सोचते भी नहीं !!
कहो ” अकेला काफ़ी हूँ “
आशावादी बनें; हर समस्या या संघर्ष को बेहतर जीवन की _ सीढ़ी के रूप में देखें..
आशावादी व्यक्ति सदैव अपनी आशाओं को ऊँचा रखता है.
_ कुछ हादसों ने हमें समझदार बना दिया.
_ तो कोई साथ हो या ना हो फ़र्क नहीं पड़ता..
_हो सकता है वो कल आपका दुश्मन हो और आपके सारे राज जानता हो.