सुविचार 3653

स्वास्थ्य है तो जीवन है, सुखदाई कर्म से ही दुआएं मिलती हैं,

_ अतः जीवन में दुआओं का वज़न ज्यादा होना चाहिए.

सुविचार 3652

हर बात को दिल से न लगा लें और न ही पर्सनली लें. _मज़ाक सहना भी सीखें ;

_वरना आप एक नकारात्मक इंसान के रूप में जाने जाएंगे और लोग आपसे दूर रहने में ही अपनी भलाई समझेंगे.

हर बात पर टोकना या दूसरे की ग़लतियां निकालना बंद कर दें. इससे आपका

चिड़चिड़ापन बढ़ेगा और लोग आपको एक नेगेटिव इंसान समझेंगे.

जिस चीज़ पर हमारा बस ना हो, उसे उसके हाल पर छोड़ देने में ही हमारी भलाई होती है.

 

सुविचार 3651

बातचीत करने में कुशल बनने का केवल एक नियम है,_ दूसरों की बातें सुनना सीखिए.

सुविचार 3650

परिवर्तन की सुंदरता को देखना है, क्योंकि इसमें जीवन संगीत की तरह है: यदि किसी भी स्वर या वाक्यांश को उसके निर्धारित समय से अधिक समय तक रखा जाता है, तो माधुर्य खो जाता है.

आप जीवन जीने के लिए बाहरी परिवर्तन कर सकते हैं लेकिन आप कभी संतुष्ट नहीं होंगे;

_ जब तक आंतरिक परिवर्तन नहीं होगा, बाहरी परिवर्तन कभी भी परफेक्ट नहीं हो सकता..!

सुविचार 3649

किसी के कहने भर से या कान भरने बस से _यदि आप किसी अन्य से संबंध में खटास ले आते हैं तो _ यकीनन आपका व्यक्तिव व आपकी समझ दोयम दर्जे की है,;  अतः आपका दूर रहना ही ठीक है..!!

हम जीवन कि खटास में ही ज्यादा सजग और होशमंद जीवन जीते हैं,

_ जैसे ही जीवन में मिठास आती है, हम जीवन के प्रति लापरवाह हो जाते हैं.!

Collection of Thought 892

Accepting life as it is and trying to improve as much as we could…

जीवन को वैसे ही स्वीकार करना और जितना हम कर सकते हैं उसे बेहतर बनाने की कोशिश करना..

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