सुविचार 3800
किसी के साथ रहो तो वफ़ादार बन के रहो,
धोखा देना गिरे हुए लोगों की पहचान होती है.
धोखा देना गिरे हुए लोगों की पहचान होती है.
अपने ही क्यों दे रहे हैं जख्म, इस बात से हैरान हूँ मैं.
इसलिए हमें हमेशा अच्छा ही सोचना चाहिए.
कभी – कभी ज्यादा नेकी भी सज़ा लाजवाब दिलाती है.
उसकी विशेषताओं की बार-बार याद दिलाओ.
मन से निर्मल हो नहीं पाते, रोज- रोज गंगा नहाने वाले.
लेकिन यार, बात – बात पर रंग बदलें, इतने भी रंगीन नहीं हैं हम.
_ कि आप पत्थर के बने हैं या शीशे के.