सुविचार 4707
ब्रह्माण्ड की सीमा हर व्यक्ति के विचारों की दौड़ने की छमता के अनुसार अलग- अलग है.
_ क्योंकि कबाड़ के व्यापारी को, हीरे की परख नहीं होती.
कभी जल्दी तो कभी देर से मिलता है – लेकिन मिलता जरूर अवश्य है.
जब आप अपने आदतन विचारों को बदलते हैं, तो यह ट्रेन की दिशा बदलने जैसा होता है.
इससे तो अच्छा है कि हम प्यार से अपनी लड़ाई ख़त्म कर लें.
ये सोच भी, आपके _ अपरिपक्व होने की निशानी है.
तकलीफ़ तब होती है जब उस दुःख में कोई साथ नहीं होता…!!