मस्त विचार 4751
कोई ऐसा काम करो, जिससे बराबरी कर सको ;
तुम्हारा यूँ जल जल कर जीना, मुझसे भी नहीं देखा जाता..
तुम्हारा यूँ जल जल कर जीना, मुझसे भी नहीं देखा जाता..
मेरे घर का कोई रास्ता, मखमली नहीं है !
और उस की चिंता को ताक पर रख देना चाहिए.
और शिकायत में मिलता कुछ नहीं, खोता बहुत है;
आपकी खैरियत नही चाहता है..
प्यासे की प्यास तो दरिया ही बुझा पाता है..
इसलिए अधिक न सोचें…केवल संघर्ष पथ पर चलते रहें..मुकाम नजदीक है..!!!
निष्ठा, सहानुभूति, सम्मान..ये ऐसे भाव हैं जो परायों को भी अपना बनाते हैं.
_ वक़्त सूरज को भी हर रोज़ बुझा देता है….!!
जिनको ठोकरों से बचना सिखाया..