सुविचार 4686
लोग आपके बारे में उतना ही गलत सोचेंगे, जितनी उनकी सोच है.
वरना या तो आप ख़ुद रोओगे या वो आप को रुलाएगा।।
लेकिन आपके अंदर क्या गुण है, इससे बहुत फर्क पड़ता है.
खुद को सुधारने में इतना व्यस्त रहो कि आपके पास दूसरों की आलोचना करने का समय ही नहीं हो ..
क्या आप हो, इससे सुख का संबंध है.
खुद अपना हो नहीं पाया कभी, मगर सबका हुआ हूँ मैं !
किसी से बात करो तो वो दिल तोड जाता है !!
जिन्हें हवा द्वारा यहाँ से वहाँ दिशाहीन, लछ्यहीन उड़ा दिया जाता है.