मस्त विचार 4666
वो “ज़रूरी” थे ”ज़रूरत” नहीं,
हम ”ज़रूरत” थे ”ज़रूरी” नहीं..
हम ”ज़रूरत” थे ”ज़रूरी” नहीं..
_ लोग अपनी आवश्यकता, सुविधा एवमं मनोदशा के आधार पर ही आपको आँकेंगे….!!!
किसी के थोपे हुए नकारात्मक विचार भी अब मुझे प्रभावित नहीं करते…!!
कल बहुत देर हो सकती है.
समझ लो और इम्तिहान है इसके आगे..