मस्त विचार 3491
_ मैं कई अपनों से वाकिफ हूं, जो पत्थर के बने हैं !!
_ मैं कई अपनों से वाकिफ हूं, जो पत्थर के बने हैं !!
_ इस विडम्बना भरे सत्य के साथ सब कुछ कितना निरर्थक है..!!
_ सच यही कि ज़िन्दगी, ना जीत है ना हार है.
_ और मन को लगने वाली चोट समझदारी से जीना सिखाती है..
आप अपने जीवन से कुछ भी नहीं सीखते हैं _ यदि आपको लगता है कि आप हर समय सही हैं..
_ वह अपने काम में ‘ एक्सपर्ट ‘ बनने की पूरी संभावना रखता है.
_ पर हर अंत में एक नई बेहतर शुरुआत की संभावना छुपी होती है.!!
ये तीन चीजें भेंट दी हों ” साथ “, ” समय “, और ” समर्पण ” !!
_ जो खूबसूरत तो बहुत है मगर है बहुत दूर..
_ उसकी सोच ही उसे जिंदगी में आगे बढ़ने की प्रेणा देती है.