Collection of Thought 883
हम यह नहीं चुन सकते कि हमारे साथ क्या होता है लेकिन हम यह चुन सकते हैं कि हम कैसे प्रतिक्रिया दें.
हम यह नहीं चुन सकते कि हमारे साथ क्या होता है लेकिन हम यह चुन सकते हैं कि हम कैसे प्रतिक्रिया दें.
_ जबकि खुले विचार आपको एक बादशाह बना कर रखेंगे…
_ उसको संसार की सारी दौलत मिल कर भी संतुष्टि नहीं दे सकती..
“-जो थोड़े से संतुष्ट नहीं है, वह किसी चीज़ से संतुष्ट नहीं है.”
“-खुश रहने का मतलब यह जानना है कि थोड़े से संतुष्ट कैसे रहा जाए.”
आस पास का समस्त परिवेश नकारात्मक उर्जा से भर जाता है,”
जो जानता सब कुछ हो ; पर बोलता कुछ भी नहीं…
आदमी का जीवन कितना बड़ा होता है, जो उसे इस तरह गुजारा जाए ?