मस्त विचार 3379
और जो मेरा नहीं रहा…मैं मान लूँगा वो कभी मेरा था ही नहीं…!!!!
और जो मेरा नहीं रहा…मैं मान लूँगा वो कभी मेरा था ही नहीं…!!!!
कहां हो, कैसे हो, बस इन्हीं दो लफ़्जों की परवाह चाहिए !
एक सहन शक्ति, दूसरी समझ शक्ति
_ किसी ने बुरे वक़्त में आने का वादा किया है.
जो हमारे अंदर संघर्ष की स्थिति बना देते हैं.
इससे उत्पन्न प्रतिक्रिया विचारों को अधिक ताकतवर बना देती है, जिससे हमारी परेशानी बढ़ जाती है.
_लोग बस इतना पूछते हैं बता कितना कमाता है..
_ समय समय पर सबके भाव बढ़ जाते हैं ..!
Or you can plant seeds of negativity, fear and lack. You can also spend time trying to take care of everyone else’s garden.
Or you can work on making yours beautiful and attract other beautiful people to your garden.
अपने मन को एक बगीचे की तरह कल्पना करें और आपके विचार बीज हैं, _ आपको यह चुनना है कि आप इसमें कौन से बीज बोते हैं, _ आप सकारात्मकता, प्रेम और प्रचुरता के बीज बो सकते हैं.
या फिर आप नकारात्मकता, भय और अभाव के बीज बो सकते हैं, _ आप दूसरों के बगीचे की देखभाल करने में भी समय व्यतीत कर सकते हैं.
या आप अपने बगीचे को सुंदर बनाने और अन्य सुंदर लोगों को अपने बगीचे में आकर्षित करने पर काम कर सकते हैं.
_ इंसान को समझने में अब इंसान असमर्थ है !