मस्त विचार 3407
फ़सल बारिश से होती है बाढ़ से नहीं…
फ़सल बारिश से होती है बाढ़ से नहीं…
” क्या होता है यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना कि जो होता है उस पर आप कैसे प्रतिक्रिया करते हैं “
_ जितना वा जो कुछ बचा, समझो वही विशेष।
_ वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली।।
_ यहाँ हर सुख के साथ दुःख जुड़ा है.
_ इंसान को देखना नहीं बस समझना सीखो.
_ ज़िंदगी एक ‘ खेल ‘ है इसे ‘ खेलना ‘ ज़रूरी है.
सफ़लता-विफ़लता तो एकमात्र उदाहरण हैं ज़िंदगी का।
सफ़लता सिखाती है कि तुझे और ऊँचाईयों को है छूना।
विफ़लता सिखाती है गिर कर उठना और उठ कर संभलना
और ज़िंदगी में और अधिक बेहतर कार्य हैं तुझको करना।
बस तुझे है चलते रहना।
तू चल, मिठे लगेंगे ज़िंदगी के कड़वे पल
बस तू चल।..