सुविचार 3573
दिल और दिमाग का एकीकरण हमारे अस्तित्व के भार को कम करता है, इनमे से किसी
को भी नज़रअंदाज करने से, हम जीवन में उद्देश्यपूर्ण रूप से आगे नहीं बढ़ सकते हैं.
को भी नज़रअंदाज करने से, हम जीवन में उद्देश्यपूर्ण रूप से आगे नहीं बढ़ सकते हैं.
” चूंकि चीजें जैसी हैं वैसी हैं, _ चीजें वैसी नहीं रहेंगी जैसी वे हैं “
_ फ़िर ” हम कभी न रोये “___
_ उदारता हमारी स्वाभाविक दशा है.
_जब हम इसे आसान बनाने की कोशिश करते हैं..!!!!
_ समस्या तो होती है, लेकिन समाधान भी साथ होता है,”
जो इसके लिए रूचि पैदा करेंगे, उनको समय भी मिल जायेगा.