सुविचार 3514

हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति वह है, जो दूसरों में बाँटने पर भी बढ़ती जाती है

और सबसे कम मूल्यवान, वह जो बाँटने पर कम हो जाती है.

मस्त विचार 3388

क्या सच में पहले सब कुछ अच्छा था ?

क्या सच में आज सब कुछ इतना बुरा है ?

क्या सच में पहले सब कुछ बुरा था ?

क्या सच में आज सब कुछ अच्छा है ?

या हमें सिर्फ बुरा देखने की आदत बन गई ..

सुविचार 3513

आप भले ही किसी को मुँह से गाली न दें, लेकिन अगर आपने मन में बुरे विचार रखे तो आपने उस इन्सान की तरफ नकारात्मक ऊर्जा भेज दी है. इसलिए कभी किसी के बारे में गलत न सोचें, आपका यह नकारात्मक विचार घूम- फिर कर आपके ऊपर ही असर करेगा.

जिन्हें गाली देने में बड़ा रस आता है, आत्मतुष्टि या वीरता का आभास होता है ; जान लें कि गालियां आपकी बौद्धिक नपुंसकता और दिवालिएपन का प्रमाण है,

_ चाहे किसी को भी दी गई हों, __ तीसमारखां हैं तो विचार से विचार का जवाब दीजिए..

सुविचार 3512

पूरी बात मालुम न होने से अच्छी भली बुद्धि में भी भ्रम पैदा हो जाता है..

लोग भ्रम में ही जीने लगे हैं, भ्रम टूटने भर के संकेत से वे काटने दौड़ते हैं..!!

“हमें इस बात को लेकर बड़ा भ्रम है कि

_हम क्या चाहते हैं और हमें क्या चाहिए..!!

Collection of Thought 865

Adjustment is not important in life….But Understanding is more important in life.

जीवन में समायोजन महत्वपूर्ण नहीं है….लेकिन जीवन में समझ अधिक महत्वपूर्ण है.

सुविचार 3511

दुश्मन से भी ज्यादा खतरनाक होता है वो आप का अपना, _जो करीब आकर आप के दिल के भेद जान ले,

_ और फिर हँस-हँस कर दुनिया के सामने बताए ..

मन के भेद यूं सर-ए-‘आम मत खोलिए..

_ ज़माना बहुत शातिर है जनाब,, ज़रा सोच समझ कर बोलिए !!

error: Content is protected