सुविचार 3487

जैसे दौड़ कर पर्वत नहीं चढ़ा जा सकता, उसी तरह बहुत ज्यादा जल्दबाजी से

बड़ी सफलता नहीं पाई जा सकती..

सुविचार 3486

किसी को बद्दुआ देना अंततः आपको भी दुःख ही देता है और किसी के मंगल की कामना करना, _ आप के आंतरिक रूप को निखारता है ;

_ निखरा हुआ आंतरिक रूप आपके जीवन में भी मंगल ही लाता है.

व्यक्ति जितना भीतर से टूटता और बिखरता है,

_ उतना ही बाहर से सँवरता और निखरता है.

सुविचार 3485

श्रेष्ठ होने और सीमाओं के पार जाने की चाह रखना मानव स्वभाव का हिस्सा है.

सुविचार 3484

उंचाई पर वो ही पहुँचते हैं,

जो प्रतिशोध के बजाय…परिवर्तन की सोच रखते हैं…

मस्त विचार 3358

लोगों की ” बकवास ” का ” जवाब ” नहीं देने वालों को ” कमजोर ” मत समझना जनाब,

ये वो ” समझदार ” लोग हैं जो कभी ” कीचड़ ” में पत्थर नहीं मारते,

इसलिए इनके ” दिल ” और कपड़े हमेशा साफ और बेदाग़ होते हैं.

जुबान तो हर किसी के पास होती है _लेकिन बात और बकवास में फर्क होता है.!!
कीचड़ और लीचड़ दोनों से बचने का प्रयास करें, _

_ एक तन खराब करता है, दूसरा मन !!

कोई कीचड़ उछाले तो उसकी परवाह मत करना, _

_ इंसान केवल वही दे सकता है जो उसके अंदर भरा हो..

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