सुविचार 3487
जैसे दौड़ कर पर्वत नहीं चढ़ा जा सकता, उसी तरह बहुत ज्यादा जल्दबाजी से
बड़ी सफलता नहीं पाई जा सकती..
बड़ी सफलता नहीं पाई जा सकती..
_ यार एक काम था.
_ निखरा हुआ आंतरिक रूप आपके जीवन में भी मंगल ही लाता है.
_ उतना ही बाहर से सँवरता और निखरता है.
_ कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा.
_ तो ‘ मुश्किल ‘ को ही ‘ मंजिल ‘ बनाएं.
जो प्रतिशोध के बजाय…परिवर्तन की सोच रखते हैं…
ये वो ” समझदार ” लोग हैं जो कभी ” कीचड़ ” में पत्थर नहीं मारते,
इसलिए इनके ” दिल ” और कपड़े हमेशा साफ और बेदाग़ होते हैं.
_ एक तन खराब करता है, दूसरा मन !!
_ इंसान केवल वही दे सकता है जो उसके अंदर भरा हो..