मस्त विचार 3353
रोज़ – रोज़ गिरकर भी मुकम्मल खड़ा हूं,
ऐ मुश्किलों ! देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूं.
ऐ मुश्किलों ! देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूं.
_ यही सबसे बुरी आदत है मुझमें ..!!
वह अभी आपके पास, आपके अंदर मौजूद है.
_वो चेहरे पर तो नहीं दीखता न ,,,
” हर असफलता सफलता का एक कदम है “
और सही हो तो जीवन बना देते हैं !!
_ हवाओं पे इल्ज़ाम लगाने से क्या होगा ! “
_ तूफ़ान के पल में ही खुद को साबित करना पड़ता है..!!
_ खर्च करने से पहले – कमाना सीखो ..
_ सलाह और ताना, खाने को खाना नहीं..!!