सुविचार 3449
जो हवा के हर झोंके और आँधी की दया पर निर्भर होता है.
जो हवा के हर झोंके और आँधी की दया पर निर्भर होता है.
_ सुना है ,,,, हर दवा नाकाम हो गई है ..
_ लेकिन संभव है कि किसी एक इंसान के लिए आप पूरा संसार हों ..
_ सबसे कठिन है अलविदा कहना, __ पर उससे भी ज्यादा पीड़ादायी हैं, अलविदा भी न कह पाना ..
_ वो तय कर चुका है जाना, अब बस तुम्हें विदा करना होगा..!!
_ आपने वक़्त भी दिया, तो हमें बर्बाद करने के लिए !!
तब हमारे जीवन का हर पहलू फैलने- फूलने लगता है.
जो दुख हमने दूसरों को दिए हैं, वे लौट आएँगे.
जो सुख हमने दूसरों को दिए हैं, वे भी लौट आएँगे.
दुख भी हजार गुने होकर लौट आते हैं,
सुख भी हजार गुने होकर लौट आते हैं.
दूसरे के दुख पर निर्भर न हो.
“ये ना बोल पाए” मेरे बिना तेरा क्या होगा ???
नकारात्मक विचार आपको नष्ट कर देंगे, _ सकारात्मक दृष्टिकोण रखने के लिए हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें.
_ जिसके फलस्वरूप सम्बन्ध बनते हैं.