Collection of Thought 1094
आप अपने बारे में क्या सोचते हैं, यह उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं.
Is it impulsive or is it extension of your being.
जैसे ही आपके मन में कुछ करने का आवेग आता है, रुकें और देखें
_ क्या यह आवेग है या यह आपके अस्तित्व का विस्तार है.
सुविचार 4678
आपको निराश होने की नहीं, रास्ते ढूंढ़ने की जरुरत है.
मस्त विचार 4553
मस्त विचार 4552
फिर वो चाहे धन हो या खुशियां..
सुविचार 4677
Kanan – mastvichaar – शोर नहीं, एहसास.
विकल्प जैसे —☀️ Peaceful [शांत]| 🌧️ Heavy [थका हुआ]| 🍃 Hopeful | 🌙 Quiet | 🔥 Restless [बेचैन]| 💫 Grateful [आभारी]
– “आज मैंने अपने भीतर क्या नया महसूस किया ?” या “क्या मैंने खुद को थोड़ा और समझा आज ?”
– “आज मेरे भीतर का आसमान…”🌤️ साफ़ है | ☁️ बादलों से ढका | 🌧️ भीगा हुआ | 🌙 शांत “जैसे बाहर का मौसम बदलता है, वैसे ही भीतर का भी.. – बस उसे महसूस करो”
> Today my inner sky feels… ☁️ Cloudy | 🌈 Clear | 🌧️ Drizzling | 🌙 Calm | ⚡ Stirred
– “हर दिन खुद से एक मुलाक़ात”
– ** कभी मन स्थिर होता है, कभी भीतर तूफ़ान.. यहाँ, मैं बस खुद से पूछता हूँ —आज मैं कैसा हूँ ? – “क्या मैंने आज खुद को थोड़ा और सुना ?”
– “हर उत्तर तुम्हारे भीतर है, बस रुककर सुनो”
– **“जैसे बाहर का मौसम बदलता है, वैसे ही भीतर का भी। बस उसे महसूस करो।”
– “हर उत्तर तुम्हारे मौन में है।”या “कभी खुद को महसूस करना ही प्रार्थना बन जाता है”
– “कभी मौन ही सबसे सच्चा उत्तर देता है।”
_ यहाँ मैं वैसे ही लिखूंगा, जैसे अंदर सच में हो रहा है.”
_ आज मैंने जीवन को ठीक करने की कोशिश नहीं की.. बस उसे महसूस किया.
_ अंदर का बोझ टेम्पररी छुट्टी पर गया हुआ है,
_ और जब मन इतना हल्का होता है ना, तब कुछ नया पकड़ने की जरुरत नहीं होती.
_ बस उस हल्केपन को महसूस करते रहना होता है.”
मस्त विचार 4551
कभी उनकी मुश्किलों के हल भी रहे हैं !
सुविचार 4676
मस्त विचार 4550
कब्र में किसी की ज़मींदारी नहीं चलती..!!!





