मस्त विचार 3192
हार कर मैं फिर खड़ा हुआ साहब,
जरुरी जीतना था रोना नहीं.
जरुरी जीतना था रोना नहीं.
इस बात में फर्क जरुर पता कर लेना…!!
सब होगा हासिल तू अपने जिद पर अड़ तो सही..
अपने आप को याद दिलाएं कि आपको वह नहीं करना है जो बाकी सभी कर रहे हैं.
रुखसत हुआ तो अपना भी गम दे गया मुझे.
वर्ना, खुद्दार मुसाफ़िर हूं ख़ामोशी से गुजर जाऊंगा…!!
जानने वाले में ही कमी है _ सब कुछ सामने ही घटित हो रहा है.