मस्त विचार 3267
_ जिंदा रहने में, और एक दिन ना रहने में…
_ जिंदा रहने में, और एक दिन ना रहने में…
…खुद को मजबूत बताने के लिए न जाने कितनी मेहनत एवमं त्याग की आवश्यकता होती है…ये हर किसी के वश की बात नहीं….!!!
कि पूरी उम्र ही गांठ बांधने में गुजर जाती है.
_ कारनामे हैसियत बनाते हैं !!
_ तो वह पूर्ण सफलता प्राप्त करने में कभी विफल नहीं होगा.
जब तक आप अपने भीतर प्रकाश के स्रोत को महसूस नहीं करेंगे, तब तक आप उस प्रकाश को और कहीं नहीं देख पाएंगे, _ पहले इसे स्वयं के भीतर अनुभव करना होगा, फिर यह हर जगह पाया जाता है ~ ओशो
_ जब तक तय की हुई जगह पर पहुँच न जाओ !!
“बस हक़ और सच बोलें” बेशुमार दुश्मन आपको अपने खानदान में ही मिल जायेंगे.