सुविचार 3292
जिन्दगी की ठोकर बहुत निराली है…_ जब भी लगती है
किसी की असलियत दिखा ही जाती है _ या फिर कुछ न कुछ जरूर सिखा जाती है.
किसी की असलियत दिखा ही जाती है _ या फिर कुछ न कुछ जरूर सिखा जाती है.
उन्हें पूरा करने के लिए जी जान नहीं लगाते…!!!
जब वो सकारात्मक बात पर नकारात्मक टिप्पणी कर देता है,”
आपका संघर्ष नहीं देखा…
वही तूफानों में कश्तियां बन कर साथ देगी कभी.
और सफलता के सैकड़ों संबंधी होते हैं.
क्योंकि छांव मिलते ही कदम रुकने लगते हैं.
जोखिम उठाएं: यदि आप जीतते हैं, तो आप खुश होंगे; यदि आप हार गए, तो आप बुद्धिमान होंगे.
बहोत बैचेन रहते हैं वो लोग जिन्हें सब कुछ याद रहता है.